हो गई धीरे-धीरे आधी रात
हम ने रो रो के फिर गुज़ारी रात
जिस तरह रात ये गुज़ारी हम ने
काश उस को भी ये सताती रात
एक दिन याद आ रही थी जान
जगते जगते कटी हमारी रात
— Vaseem 'Haidar'
हम ने रो रो के फिर गुज़ारी रात
जिस तरह रात ये गुज़ारी हम ने
काश उस को भी ये सताती रात
एक दिन याद आ रही थी जान
जगते जगते कटी हमारी रात
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