इक कहानी किसी ने सुनाई मुझे
आज तेरी बहुत याद आई मुझे
शहर जा कर मिरा साथ छूटा तिरा
अब नहीं लगती अच्छी कमाई मुझे
एक लड़की ने पागल बनाया मुझे
फिर किसी ने नहीं दी दवाई मुझे
जब कभी मुझ को महसूस होता है ये
जैसे कोई दिया हो दुहाई मुझे
खेल खेला बहुत ज़िंदगी ने अमा
वैसे करनी बहुत थी पढ़ाई मुझे
— Vaseem 'Haidar'















