koi us ke barabar ho gaya hai | कोई उस के बराबर हो गया है

  - Vikas Sharma Raaz

कोई उस के बराबर हो गया है
ये सुनते ही वो पत्थर हो गया है

जुदाई का हमें इम्कान तो था
मगर अब दिन मुक़र्रर हो गया है

सभी हैरत से मुझ को तक रहे हैं
ये किया तहरीर मुझ पर हो गया है

असर है ये हमारी दस्तकों का
जहाँ दीवार थी दर हो गया है

जिसे देखो ग़ज़ल पहने हुए है
बहुत सस्ता ये ज़ेवर वो गया है

  - Vikas Sharma Raaz

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