अपने हालात पे हैरत नहीं करूँँगा मैंकिसी आईने की सोहबत नहीं करूँगा मैंआरज़ी लोगों को दिल में जगह तो दे दूँगादिल से तन्हाई को रुख़्सत नहीं करूँगा मैंख़ुद पे इल्ज़ाम लगाऊँगा तुम से झगड़े मेंऔर फिर ख़ुद की वज़ाहत नहीं करूँगा मैं— Vikram Sharma