अब बस उसके दिल के अंदर दाखिल होना बाकी है
छह दरवाजे़ छोड़ चुका हूँ एक दरवाज़ा बाकी है
दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इनके बाद भी हासिल करना बाक़ी है
मैं बरसों से खोल रहा हूँ एक औरत की साड़ी को
आधी दुनिया घूम चुका हूँ आधी दुनिया बाकी है
कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूॅं पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
उसकी खातिर बाजारों में भीड़ भी है और रोनक भी
मैं गुम होने वाला हूँ बस हाथ छुड़ाना बाकी है
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