
जहाँ के सर से काली रात का आंचल सरक जाए
खिलें फिर फूल ख़ुशियों के चमन सारा महक जाए
अगर ये रात लंबी है मिरे रब कुछ तो ऐसा कर
इन आँखों में उमीदों का कोई जुगनू चमक जाए
— Aditya
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