
गाँव में छोड़ के आया था मोहब्बत अपनी
शहर में जिस्म था और गाँव में अटका दिल था
उस की शादी बड़े लोगों में लगी और मैं गरीब
शहर से भाग के जाता भी तो क्या हासिल था
— Armaan khan
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