मिरा दिल ग़म छुपाना चाहता है
मगर तुम सेे बताना चाहता है
मुझे अल्लाह ने बख़्शी है नेमत
वही नेमत ज़माना चाहता है
उठाऊँ हाथ माँगूँ मैं दुआएँ
ख़बर है क्या दिवाना चाहता है
मुझे कहता है तुमको छोड़ दूँगा
मुझे यूँँ आज़माना चाहता है
जिसे हमने सिखाई थी मोहब्बत
वही हमको भुलाना चाहता है
अभी तक लौटकर आया नहीं वो
वो मुझ सेे दूर जाना चाहता है
जिसे हम दिल की धड़कन कह रहे थे
वही हमको मिटाना चाहता है
चलो अब चल रहे हैं इस जहाँ से
बदन अपना ठिकाना चाहता है
हथेली काट ली थी जिसकी ख़ातिर
वही अब छोड़ जाना चाहता है
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