कोशिशें बेकार हो रही हैज़िन्दगी बेज़ार हो रही हैझूठ बिक रहा समाचारों मेंहक़ीक़त शर्मसार हो रही हैजिहालत अर्श पर खड़ी हैता'लीम कर्ज़दार हो रही हैकांधे बोझल हुए लाशों सेइंसानियत लाचार हो रही है— Kuldeep Nagar