hamaari zindagi shaayad saza hai | हमारी ज़िन्दगी शायद सज़ा है

  - Dharamraj deshraj

हमारी ज़िन्दगी शायद सज़ा है
जिसे देखो ग़मों में मुब्तिला है

मेरे रब यार को मेरे सुकूँ दे
मेरे हिस्से का ग़म उसको मिला है

ये राहे-इश्क़ है तू चल सँभल कर
फ़क़त काँटों भरा ये रास्ता है

लबों पर उज्र लगता है दिखावा
ख़ुदा जाने कि उसके दिल में क्या है

अज़ब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में
मुझे या रब न कुछ भी सूझता है

ख़ता करने से पहले सोच लेना
ख़ुदा अच्छा बुरा सब देखता है

फ़रेबो फ़न्द में हम सब लगे हैं
यहाँ ईमान ही बस लापता है

  - Dharamraj deshraj

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