आ भी जाओ ख़ुदारा नये साल में
दिल ने तुमको पुकारा नये साल में
फिर नये ग़म मिलेंगे पता है हमें
वक़्त का है इशारा नये साल में
इल्तिज़ा है यही यार मिलकर रहें
ग़म न देना दुबारा नये साल में
ज़ख़्म पिछले बरस के हरे हैं अभी
हौसला हमने हारा नये साल में
भीख में उन सेे कोई ख़ुशी माँग लूँ
ये नहीं है ग़वारा नये साल में
राहबर ने सताया बहुत रहज़नों
अब तुम्हारा सहारा नये साल में
ज़ीस्त की उलझनों को भुलाकर धरम
मुस्कुराओ ख़ुदारा नये साल में
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