जल रहे है लोग हैरत हो रही है
आप की इस
में भी बरकत हो रही है
आपने ताला लगाया अपने मुँह पर
मेरी लिखने की तो हिम्मत हो रही है
आपको देखा है जब से दिल में मेरे
हदस ज़्यादा इस
में हरकत हो रही है
झूठ को सच मानने का फ़ायदा ये
ज़िंदगी दोनों की जन्नत हो रही है
चाह थी जिसकी बनी है वो हक़ीक़त
ऐसे पूरी मेरी मन्नत हो रही है
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