तोड़ देता सभी से रिश्ता वहम
पाल मैंने रखा अहम का वहम
कुछ नहीं पास ये किसी का वहम
पास सबकुछ है ये भी इक था वहम
टूट कर मरना अच्छा होगा क्या
अच्छा है वो मेरा ही ऐसा वहम
ख़ुदकुशी रास्ता नहीं कभी भी
ज़िंदगी जीना कौन सा था वहम
भावना में गए थे बह सारे
सबको माना सही धरम का वहम
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