आज उस सेे मुझे ये गिला हो गया
वो ज़रा देर में ही ख़फ़ा हो गया
उस से उम्मीद ऐसी नहीं थी मुझे
हम सफ़र दोस्तों बे-वफ़ा हो गया
उस को जाते हुए देखना था कठिन
दर्द दिल में अचानक नया हो गया
ख़ुद को बीमार महसूस करता था मैं
तेरा आना तो जैसे दवा हो गया
दूर अब हो गए हैं तो जाना यही
प्यार जो था कहीं लापता हो गया
इस लिए तुम से मिलता नहीं दोस्तो
वक़्त अब है नहीं मैं बड़ा हो गया
कोई मेरी ख़ता भी बता दो ज़रा
मैं सभी के लिए क्यूँ बुरा हो गया
साथ रहता था बातें भी करता था जो
वो अचानक से यारों ख़ुदा हो गया
— Yash Sharma















