kya milega mujhe is dil ko tumhaara kar ke | क्या मिलेगा मुझे इस दिल को तुम्हारा कर के

  - Meem Alif Shaz

क्या मिलेगा मुझे इस दिल को तुम्हारा कर के
तुम तो ख़ुश हो कई लड़कों का ख़सारा कर के

बरकतें रुक नहीं पाती हैं घरों के अंदर
हम ने देखा है गरीबों को किनारा कर के

मख़मली रस्ता बनाना है उन्हीं की ख़ातिर
थक गए जो मुझे मिट्टी से सितारा कर के

ये ज़माना नया है शाज़ यहाँ हर कोई
बस चला जाता है घायल का नज़ारा कर के

  - Meem Alif Shaz

Raasta Shayari

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