इक मसीहा से प्यार कर लिया हैया'नी दिल को बुख़ार कर लिया हैशब-ए-हिज्रां की तल्ख़ यादों कोलज़्ज़त ए जाँ शुमार कर लिया हैहो के हर ज़ी वजूद से नौमीदफिर तेरा ऐतिबार कर लिया हैअपने अंजाम का ख़ुदा हाफ़िज़हम ने दुश्मन से प्यार कर लिया हैबात ये है, कि हुस्न वालों कोहम ने सर पर सवार कर लिया है— Kazim Rizvi