जाने क्या आपको मक़सूद है ऐसा करके
मार देना किसी बीमार को अच्छा करके
'इश्क़ भी अपनी ही शर्तों पे किया है मैं ने
ख़ुद को बेचा नहीं बाज़ार में सस्ता करके
फिर ख़्याल आएगा तुझको किसी मजबूरी का
और फिर तू भी चला जायेगा तन्हा करके
उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे
आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा करके
मेरे आने की ख़बर सुनके चला आया कोई
और कोइ आज भी आया नहीं वा'दा करके
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