जान पर बन आई है तन्हाई है

  - Kumar Aryan

जान पर बन आई है तन्हाई है
इश्क़ की रुसवाई है तन्हाई है

कम नसीबी उसकी है के शादी में
बज रही शहनाई है तन्हाई है

भीड़ को ढूँडोगे आख़िर किस तरह
हर तरफ तन्हाई है तन्हाई है

जुर्म-ए-उल्फ़त की अदालत में अभी
आख़िरी सुनवाई है तन्हाई है

दिल लुटा दुनिया लुटी सबकुछ लुटा
इसकी क्या भरपाई है तन्हाई है

खेल क़िस्मत का ज़रा ये देखिए
दिल मेरा सौदाई है तन्हाई है

इश्क़ ख़तरे में है और महफूज़ हुस्न
बस यही सच्चाई है तन्हाई है

  - Kumar Aryan

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