वो फूल है या शूल है क़ुबूल है
या रास्ते की धूल है क़ुबूल है
किसी के साथ उम्र भर निबाह हो
ये सोचना फ़ुज़ूल है क़ुबूल है
ये इश्क़-ओ-अक़्ल में है दुश्मनी बहुत
वो फूल या बबूल है क़ुबूल है
किसी का साथ देना सख़्त राह पर
ये ज़िन्दगी का मूल है क़ुबूल है
चलाया जिस ने नेक राह आजतक
वो राम है रसूल है क़ुबूल है
— Kumar Aryan















