नाज़ से है जमाल इक लड़कीकर रही दिन मुहाल इक लड़कीबन गई आज से दुआ सी वोछू गई हर ख़याल इक लड़कीले गई दिल निगाह में रख करहाँ अदा से कमाल इक लड़कीदर्द भी गुल-बदन हुआ उस पेइस क़दर थी निहाल इक लड़कीक्या बताऊँ 'कुनू' मुहब्बत मेंहर तरफ़ है मिसाल इक लड़की— Kunu