बात सुन लो मेरी सुधर जाओ

इश्क़ अच्छा नहीं है घर जाओ

किस ने बोला था इश्क़ करने को
किस ने बोला था यूँॅं बिखर जाओ

ऐसे हस्सास हो के जीना क्यूँ
या तो बेहिस बनो या मर जाओ

मेरे दिल से उतर चुके हो बस
अब मेरे ज़ेहन से उतर जाओ

कितना आसान है न तेरे लिए
या'नी वा'दा करो मुकर जाओ

— Marghoob Inaam Majidi

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