vo qalam ko talwaar kar dega | वो क़लम को तलवार कर देगा

  - Manoj Devdutt

वो क़लम को तलवार कर देगा
जो बिका तो अख़बार कर देगा

वो सुख़न-वर है जो कभी रूठा
रूह पर सीधे वार कर देगा

अब कभी जो मुझ सेे बिछड़ गया तू
फिर मुझे तू बीमार कर देगा

होश में वो कर ही नहीं पाया
पर नशे में इज़हार कर देगा

काम कुर्ता खादी न कर सके जो
काम सब वो शलवार कर देगा

काम जो चौकीदार करता नहीं
काम सब वो हक़दार कर देगा

अब जबरदस्ती से नहीं होगा
हर दफ़ा जो बस प्यार कर देगा

  - Manoj Devdutt

Akhbaar Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Manoj Devdutt

As you were reading Shayari by Manoj Devdutt

Similar Writers

our suggestion based on Manoj Devdutt

Similar Moods

As you were reading Akhbaar Shayari Shayari