हाथ से जब निकलने लगी ज़िन्दगीलोग रटने लगे ज़िन्दगी ज़िन्दगीछोड़ जाएगी तुम को भी बस एक दिनहै नहीं ये किसी की सगी ज़िन्दगी— Naimish trivedi