दिल की आब-ओ-हवा उदासी है
धड़कनों की सदा उदासी है
हो के नाकाम चारागर बोला
आशिक़ी में दवा उदासी है
बाद आए शराब भी इसके
यूँँ कि पहला नशा उदासी है
ज़िंदगी में उदासी है कितनी
ज़िंदगी है भी या उदासी है
मैंने देखा है बारहा हँस कर
यार हर मर्तबा उदासी है
कौन सा जुर्म हो गया हम से
जाने किस की सज़ा उदासी है
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