ग़म भले देगी सरापा ज़िन्दगी
है मगर इक ही असासा ज़िन्दगी
हर क़दम पर इक तमाशा ज़िन्दगी
एक सिक्का एक कासा ज़िन्दगी
रेगज़ारों में बगूलों की तरह
झूमती है बेतहाशा ज़िन्दगी
साथ जीने की तमन्ना मौत है
साथ मरने का इरादा ज़िन्दगी
ख़ुद जला देती है अपने हाथ से
ओढ़ती है जो लबादा ज़िन्दगी
— Prasoon















