jee aap chand kitaabon se dosti kar len | जी आप चंद किताबों से दोस्ती कर लें

  - Rahul Gurjar

जी आप चंद किताबों से दोस्ती कर लें
तसव्वुरात में ख़ुद से ही रौशनी कर लें

जो अस्ल ज़िंदगी थी उसके साथ सोची थी
जी अब तो ऐसा है हम बस बची-कुची कर लें

हम ऐसे लड़के जिन्हें रौशनी भी करनी है
हम ऐसे लड़के भला कैसे आशिक़ी कर लें

फिर अपने लोगों से उम्मीद कोई कैसे करे
जब अपने लोग ही अपनों से दुश्मनी कर लें

हमारे दरमियाँ दूरी नहीं है दुनिया है
कोई मज़ाक़ है उस सेे बराबरी कर लें

  - Rahul Gurjar

Eid Shayari

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