उस ने ऐसे रास्ता बदला है दोस्त
जैसे अगला वाकई अच्छा है दोस्त
बात ही काटी गई है आप की
अस्ल दुनिया को कहाँ जाना है दोस्त
ज़िन्दगी में जो मिला तुम को मिला
हम ने जो पाया वही खोया है दोस्त
आग पत्तों में लगाने वाले सोच
तेरा भी तो हाथ जल सकता है दोस्त
वो सड़क पे खेलते बच्चे को देख
कार वाला बच्चा ख़ुश होता है दोस्त
इस से आगे इश्क़ है बस इश्क़ है
आज उस ने आगे से बोला है दोस्त
कुछ जली तस्वीरें सिगरट का धुआँ
ये उदासी से सजा कमरा है दोस्त
— Rahul Gurjar















