kaarnaama aaj ki shab ye 'ajab hamne kiya | कारनामा आज की शब ये 'अजब हमने किया

  - Shajar Abbas

कारनामा आज की शब ये 'अजब हमने किया
गुल की ख़ातिर गुल चमन से मुंतख़ब हमने किया
'इश्क़ की आयत पढ़ी हमने फ़राज़-ए-दार पर
मौत का कब ख़ौफ़ बतला कम-नसब हमने किया

दिल का हर गोशा चराग़-ए-इश्क़ से रौशन करो
दार से ऐलान ये फ़ुर्क़त की शब हमने किया

था बड़ा मंज़र 'अजब वो 'इश्क़ के मैदान में
हुस्न से माल-ए-ग़नीमत जब तलब हमने किया

दिल ही दिल में हमको दिल ने दिल से दी हँसकर दुआ
जब बुज़ुर्गों का शजर दिल से अदब हमने किया

  - Shajar Abbas

Dar Shayari

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