main aise dil ko halka kar raha hooñ | मैं ऐसे दिल को हल्का कर रहा हूँ

  - Shajar Abbas

मैं ऐसे दिल को हल्का कर रहा हूँ
तेरी फुर्क़त में गिर्या कर रहा हूँ

मोहब्बत में उठाकर मैं खसारा
मोहब्बत फिर दुबारा कर रहा हूँ

मेरे सज्दों का रख लेना भरम तू
तेरी चौखट पे सज्दा कर रहा हूँ

मेरा परछाईं पीछा कर रही है
मैं परछाईं का पीछा कर रहा हूँ

क़लम की नोक-से-ग़म गिर रहा है
शजर क़िर्तास गीला कर रहा हूँ

  - Shajar Abbas

Mohabbat Shayari

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