
ज़िन्दगी नाम हक़ीक़त में हैं शादानी का
इस को तुम जुज़ न बनाना कभी वीरानी का
नौजवानो मेरा पैग़ाम सदा याद रखो
ख़ुद-कुशी हल नहीं होती है परेशानी का
— Shajar Abbas
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