रहेंगे जब तलक कुछ दोगले नेता सियासत में
चला जाएगा धन जनता का इन के ही हिफ़ाज़त में
ग़रीबी देश की वो ख़त्म कैसे कर सकेंगे जो
कमी करते नहीं थोड़ी भी अपनी शान-ओ-शौकत में
— Manoj Sharma "Chandan"
चला जाएगा धन जनता का इन के ही हिफ़ाज़त में
ग़रीबी देश की वो ख़त्म कैसे कर सकेंगे जो
कमी करते नहीं थोड़ी भी अपनी शान-ओ-शौकत में
Other ghazal from the same pen
Voices in the same orbit
Poetry by feeling