अंबर पे जो तारे हैं
सारे यार तुम्हारे हैं
छुप जाते सब बादल में
शर्मीले पर प्यारे हैं
दूर से उस को देखूँ तो
लगते नूर नजारे हैं
रात बुलाए ये कहके
नैना पैर पसारे हैं
— Shivangi Shivi
सारे यार तुम्हारे हैं
छुप जाते सब बादल में
शर्मीले पर प्यारे हैं
दूर से उस को देखूँ तो
लगते नूर नजारे हैं
रात बुलाए ये कहके
नैना पैर पसारे हैं
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