ha | हमें तो कह दिया है अजनबी हो

  - Aarush Sarkaar

हमें तो कह दिया है अजनबी हो
तुम अपने अपनों को तो जानती हो

हवा रह रह के जैसे हर दफा बस
हमारी ही पतंगे काटती हो

फिर अपने और पराये सब बराबर
अगर माधव के जैसा सारथी हो

कभी तुम आरज़ू में थे हमारी
अभी बस इक ख़याल-ए-आरज़ी हो

तुम्हें वो खुश रखे बस, ये दुआ है
गले में धागा जिसका बांध ली हो

हमें ऐसी घड़ी दो कोई जिस
में
सुई पहिये के जैसे भागती हो

  - Aarush Sarkaar

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