बना कर दिल को अब कश्ती समुंदर पार करना है

मुझे तुम से मुहब्बत का अभी इज़हार करना है

तुम्हारे ज़ुल्फ़ के साए में ख़ुद को छाँव देना है
कठिन है काम ये लेकिन मुझे इस बार करना है

हमारे दरमियाँ कुछ बात क्यूँ होती नहीं है जाँ
मिटाओ दूरियाँ दिल की हमें तो प्यार करना है

अगर मौका मिला मुझ को कभी जो दिन बनाने का
सभी दिन को तेरी ख़ातिर मुझे इतवार करना है

बयाँ कर के अगर दिल को तसल्ली हो तभी करना
तुम्हारी हाँ से ही हम को बड़ा संसार करना है

— Tiwari Jitendra

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