हुस्न तो हुस्न का बखान करे

इश्क़ किस बात पर गुमान करे

उस के दिल में वफ़ा न प्यार उगा
कितनी मेहनत कोई किसान करे

चाहता हूँ कि मेरी दुनिया पर
तू दुपट्टे को आसमान करे

क्या किसी ने नहीं लिखा ऐसा
जो मेरा हाल ए दिल बयान करे

मैं ने ठाना है कुछ न बोलूँगा
अब वो कितना ही जान जान करे

उस की आहट सुनाई देती है
चाहे दिल जिस तरफ़ भी कान करे

हैं वो आँखें नजात का रस्ता
उन गुफाओं में कोई ध्यान करे

— Vishnu virat

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