teergii men jab mujhe vo ro chuka tha | तीरगी में जब मुझे वो रो चुका था

  - ALI ZUHRI

तीरगी में जब मुझे वो रो चुका था
वो ज़माने में सभी कुछ खो चुका था

एक ही फोटो पुरानी जो बची है
वो भला चेहरा अलग सा हो चुका था

जब कि मुस्तक़बिल बना के लौट पाया
उस हसीं का यार सौदा हो चुका था

अब निशाँ मेरा नहीं उसको मिलेगा
वो पता मेरा सभी कुछ खो चुका था

एक मुद्दत बाद वो हम से मिला तो
हाल कैसा तब हमारा हो चुका था

  - ALI ZUHRI

DP Shayari

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