shab aati hai to toote se taare le aati hai | शब आती है तो टूटे से तारे ले आती है

  - ALI ZUHRI

शब आती है तो टूटे से तारे ले आती है
जाने कब कैसे सब ज़ख़्म पुराने ले आती है

जब वो आती है तो दिल पे नक़्श-ए-पा रखती है
फिर सब नक़्श-ए-माज़ी दिल पे मेरे ले आती है

तेरी यादों में आँखे क़ुल्ज़ुम बन के बहती है
वो यादें आँखों में आँसू खारे ले आती है

मेरे सीने में एक आग सी जलती रहती है
मैं जब भी हँसता हूँ वो ग़म आगे ले आती है

  - ALI ZUHRI

Dil Shayari

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