रंग गालों पे लगाऊँगा चला जाऊँगा
थोड़ा सा तुझको सजाऊँगा चला जाऊँगा
तेरी ही तरह मैं हैरान करूँँगा तुझको
दे के आवाज़ बुलाऊँगा चला जाऊँगा
बैठे मस्जिद पे या मंदिर पे ये उसकी मर्ज़ी
मैं कबूतर को उड़ाऊँगा चला जाऊँगा
क्यूँँ परेशान हो हिस्सा नहीं माँगूँगा मैं
आसमाँ सर पे उठाऊँगा चला जाऊँगा
इतना पक्का है कि एहसान नहीं लूँगा मैं
मौत को ख़ुद ही बुलाऊँगा चला जाऊँगा
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