ज़रूरी लगता है तो बे-वफ़ाई की जा सकती है
मुहब्बत की क़फ़स से यूँँ रिहाई दी जा सकती है
बहुत गर्मी हो बारिश हो तो छाते याद आते हैं
ज़रूरी हो तो रिश्तों की दुहाई दी जा सकती है
मैं रिश्तों की या वादों की दुहाई दूँ भी तो कैसे
ख़ुशी मिलती हैं तो फिर बे-वफ़ाई की जा सकती है
बहुत दिन से है पिंजरे में, ये लम्बा उड़ नहीं सकता
इसी कारण परिंदे को रिहाई दी जा सकती है
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