जबसे फ़ुर्क़त तेरी गुज़ारी है
ये तबीअत बहुत ही भारी है
तेरी यादों का ये सबब है,अब
सिर्फ़ सिगरेट से ही यारी है
किस की हालत पे हँस रहे थे हम
हाँ वो हालत तो अब हमारी है
एक लड़की के पीछे जान-ए-जाँ
हम ने सारी ये दुनिया हारी है
जिस ने नक़्शा मेरा बिगाड़ा है
हाँ वो लड़की बहुत ही प्यारी है
इश्क़ कितनो को खा गया धाकड़
अब तो शायद तेरी ही बारी है
— Abhishek Dhakad















