मुझेअपनाबनानेकीक़समतोरोज़खातेहैं
मगरवोसामनेमेरेकहाँकुछबोलपातेहैं
कभीभीबनबिगड़जाएकिसीसेरास्तेमेंतो
खरीउसकोसुनातेहैंमुझेआँखेंदिखातेहैं
कभीहोनेनहींदेतेमुझेवोआँखसेओझल
अगरछतपरभीजाताहूँतोमेरेसाथजातेहैं
कभीमंदिरकभीमस्जिदकभीगिरजामेंजातेहैं
वोहरदरपरमिरेहीनामकासदक़ाचढ़ातेहैं
अगरमहबूबकीगलियोंमेंजिसदिनमैंनहींजाऊँ
तोफिरख़ल्वतमेंजाकरकेबहुतआँसूबहातेहैं