"कौन हो तुम"
ख़ुदा की क़सम आज क्या लग रही हो
बला की बला की बला लग रही हो
सभी लोग कहते मज़ा लग रही हो
हमें तो मगर तुम क़ज़ा लग रही हो
कि कुछ तो बता दो अरे कौन हो तुम
अरे जानलेवा बदन है तुम्हारा
मगर दिल हमारा सजन है तुम्हारा
इधर आओ जानम कि जाती कहाँ हो
हमारे ही दिल में भवन है तुम्हारा
लगा दो हमें हथकड़ी उम्र-भर को
क़सम ज़िंदगी की सज़ा लग रही हो
कि कुछ तो बता दो अरे कौन हो तुम
तुम्हारी वजह से ही पागल हुए हैं
तुम्हें देख कर लोग घाइल हुए हैं
तुम इंसान हो कौन हो ये बताओ
तुम्हारे मु'अम्में कहाँ हल हुए हैं
तुम्हें देख कर तो सभी खेलते हैं
हमें कोई उड़ती हवा लग रही हो
कि कुछ तो बता दो अरे कौन हो तुम
तुम्हें देख कर रोग जाने लगे हैं
तुम्हारी तरह मुस्कुराने लगे हैं
तुम्हारा करम हम पे जब से हुआ है
ख़ुदा के फ़रिश्ते बुलाने लगे हैं
ख़ुदा की भी तक़दीर तुम ने सँवारी
हमें तो ख़ुदा का ख़ुदा लग रही हो
कि कुछ तो बता दो अरे कौन हो तुम















