क्यूँ रहती हलकान है जानाँ
तू मेरी भगवान है जानाँ
हाथ में तेरा हाथ अगर हो
लगता सब आसान है जानाँ
तेरी आँखें पढ़ सकता हूँ
मुझ को इतना ज्ञान है जानाँ
तेरे दिल में आके जाना
दुनिया इक ज़िंदान है जानाँ
मुझ को अच्छा मत समझो तुम
मुझ
में इक शैतान है जानाँ
— AKASH















