दिल क्या है आँखों में आओ ख़्वाबों की बारातें करना
मैं तुमको देखूँगा और तुम मिलना मुझ सेे बातें करना
सारी पूरी करते जाना जितनी भी दिल की ख़्वाहिश हो
चाहे रातें दिन कर देना चाहे दिन को रातें करना
मेरे जज़्बातों का दरिया सदियों से सूखा बैठा है
बंजर होते जाते दिल पर तुम प्यासी बरसातें करना
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