man jis ka maula hota hai | मन जिस का मौला होता है

  - Ali Zaryoun

मन जिस का मौला होता है
वो बिल्कुल मुझ सा होता है

आँखें हंस कर पूछ रही हैं
नींद आने से क्या होता है

मिट्टी की इज़्ज़त होती है
पानी का चर्चा होता है

जानता हूँ मंसूर को भी मैं
अपने ही घर का होता है

अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते
देखो इश्क़ बुरा होता है

वहशत का इक गुर है जिस में
क़ैस अपना बच्चा होता है

बाज़-औक़ात मुझे दुनिया पर
दुनिया का भी शुबह होता है

तुम मुझ को अपना कहते हो
कह लेने से क्या होता है

  - Ali Zaryoun

Duniya Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Ali Zaryoun

As you were reading Shayari by Ali Zaryoun

Similar Writers

our suggestion based on Ali Zaryoun

Similar Moods

As you were reading Duniya Shayari Shayari