Ambar
Ambar
Ghazal

मेरी यादें सब मिटा कर ये बता

क्या करेगा दूर जा कर ये बता

देखता है बस मुझे ये है ख़बर
क्या मिला नज़रें चुरा कर ये बता

आशिक़ी में दर्द पाने के सिवा
क्या किए हम पास आ कर ये बता

और बातें बा'द में होगी अभी
ख़ुश तो है ना दिल लगा कर ये बता

क्या कभी तू भी कहीं मेरी तरह
रोता है आँसू छुपा कर ये बता

— Ambar

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