"क्या क्या मैं ने सपना देखा"
नाम तेरे संग अपना देखा
क्या क्या मैं ने सपना देखा
आँखें खुलते चूर हुआ है
क्यूँ वो मुझ से दूर हुआ है
मुझ को जो मंज़ूर नहीं था
क़िस्मत को मंज़ूर हुआ है
मैं ने अपने इस जीवन में
एक ही था जो अपना देखा
क्या क्या मैं ने सपना देखा
— Ambar















