Ambar
Ambar
Nazm

तुम इक दिन भूल जाओगे

हँसाओगे रुलाओगे तुम इक दिन भूल जाओगे
हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे

दिखाओगे मुझे सपने ख़ुशी की वादियों वाले
जज़ीरों में कहीं तन्हा मुझे तुम छोड़ आओगे

हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे

तुम्हें ना देख कर कितनी तड़पती हैं मेरी आँखें
तुम्हें खो देने के डर से ये जागी हैं कई रातें
उदासी छाई रहती है दिल-ए-बे-ताब में जितनी
मुझे लगता नहीं है ये कि तुम भी छटपटाओगे

हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे

मुहब्बत कितनी है दिल में यक़ीनन कह न पाऊँगा
मगर इतना यक़ीं तो है कि तुम बिन रह न पाऊँगा
बड़े वादे किए तुम ने रहूँगा साथ मैं हमदम
हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे

हँसाओगे रुलाओगे तुम इक दिन भूल जाओगे
हक़ीक़त जानता हूँ मैं तुम इक दिन भूल जाओगे

— Ambar

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