in ko dukh ki ham se vo kahte ye kaise ham galat the | इन को दुख कि हम से वो कहते ये कैसे हम ग़लत थे

  - Ankit Maurya

इन को दुख कि हम से वो कहते ये कैसे हम ग़लत थे
इस लिए पहले ही हम ने कह दिया कि हम ग़लत थे

वो ख़फ़ा हैं जाने कब से क्या पता किस बात पे हों
फ़र्ज़ बनता है हमारा कह दें उन से हम ग़लत थे

तुम इशारा कर तो देते कि नहीं जाना है तुम को
रोक लेते हम तुम्हें कह देते सब से हम ग़लत थे

हम किसी भी तौर उस को साथ रखना चाहते थे
हम ने मुआ'फ़ी माँग ली ऐसे कि जैसे हम ग़लत थे

हम लड़ेंगे ख़ूब दोनों पहले तो इक दूजे से फिर
रोते रोते ये कहेंगे हम ग़लत थे हम ग़लत थे

  - Ankit Maurya

Gham Shayari

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