बचपन से ही ज़ालिम के मज़ालिम से लड़ा हूँये हौसला मेरा है अभी तक मैं खड़ा हूँफ़िरऔन के अंजाम से हर शख़्स है वाक़िफ़उसने भी ये ऐलान किया था कि ख़ुदा हूँ— Ansar Eatvi